Chalawa Bhoot Real Horror Story

Chalawa Bhoot Real Horror Story- Horror Story Hindi

Chalawa Bhoot Real Horror Story वो अजीब सा साया Horror Story Hindi

यह बात तब कि है ,जब में अपनी कॉलेज की छुट्टियों पर अपने गांव में गया हुआ था। मेरे परिवार में कुल 6 लोग है, गाव मे हमारे घर मे अपने दादा-दादी के साथ ही सोता था। गाव मे रहने वाले लोग जल्दी ही जग जाते है और अपने खेतों की तरफ चले जाते हैं। 

Horror Story Hindi

 

मेरी दादी सुबह 5 बजे ही उठ जाया करती थी और वो मुझे उठा देती थी। इसलिए मेरी रोज़ सुबह जल्दी उठने की आदत बन गई थी। मैं सुबह उठकर रोजाना व्यायाम करता था।  उसके बाद मैं अपनी पड़ाई करता था।
एक दिन की बात है ,जब मैं बहुत थका हुआ था ,इसलिए में जल्दी सो गया था, रात के लगभग 3 बजे मेरी आँख खुली, आज में जल्दी उठ गया था ,तो मेने सोचा अब उठ ही गए है तो क्यू ना पढ़ लिया जाए, पर पढ़ने से पहले कुछ व्यायाम कर ले ताकि सुस्ती भी उड़ जाएगी और पढ़ाई मे ज्यादा मन लगेगा तो मैं अपनी छत पे गया ओर टहलने लगा। 

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उस समय ठंड बहुत थी ,कोहरा भी था। दूर-दूर तक घोर सन्नाटा था बस।  छत पर टहलते हुए मेने देखा की सामने वाले घर की छत पर एक आदमी या यू कहे एक साया खड़ा है, साया इसलिए क्योंकि कोहरे की वजह से वह आदमी साफ नहीं दिख रहा था। वह घर मेरे घर से कुछ 50 कदम की दूरी पर ही था। 

मैंने उस पर ज्यादा ग़ौर नहीं किया ,क्योंकि गाव में लोग जल्दी जग जाते है। इसलिए शायद यह भी मेरी ही तरह जल्दी जग गया होगा और  अपनी छत पर टहल रहा होगा, तो मैं भी अपनी exercise करने लगा। 

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exercise करते हुए मेने देखा कि वो आदमी या यू कहे कि वो साया जैसे पहले था वैसे ही अब भी बस मेरी ही तरफ मुह किए खड़ा था। मुझे अब थोड़ा अजीब लगने लगा। मेने सोचा चलो उसे आवाज लगाई जाए कि कैसे हो भाई ?पर उधर से कोई आवाज तो दूर की बात वो आदमी अपनी जगह से हिला भी नहीं। 

मुझे इस पर बहुत गुस्सा आया और मेने उसे इग्नोर किया और अपनी exercise करने लगा, हवा मे अचानक से ठंड पहले से और ज्यादा बढ़ गयी थी।  मेने सोचा नीचे घर मे जाया जाए तो जैसे मे अपने घर मे जाने लगा मेने देखा उस आदमी  का कद अचानक से बढ़ने लगा था। अब उस  आदमी को उस समय आदमी समझना सबसे बड़ी मूर्खता थी। वो धीरे धीरे एक घर जितना बड़ा हो गया था।  उस समय मेरे पैर जैसे जम गए हो। मैं ख़ुद को कोसने लगा कि मैं ऊपर आया ही क्यू ?

अब मैं नही बचने वाला , डर से मेने अपनी आँखे बंद कर ली। थोड़ी देर बाद मेंने आँखे खोल के देखा ,पर वहा कोई नहीं था। मैं तेजी से नीचे आया और कंबल ओढ़कर सो गया, सुबह मेने ये बात अपने घर वालों को बताई किसी ने मेरा विश्वास नहीं किया सिवाय मेरी दादी के । उन्होने कहा कि वो एक छलावा था और छलावा बहुत ही ख़तरानाक होता हैं। 

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तेरी जान इसलिए बच गयी, क्यूंकि तेरे गले में यह माता रानी का ताबीज था।  तब मुझे याद आया कि यह तो मेने थोड़े दिन पहले ही अपने गले मे बांधा था। भगवान् ने ही उस दिन मेरी जान बचाई।

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