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खदान की चुड़ैले | चुड़ैल का साया | Chudail Horror Story Hindi

खदान की चुड़ैले | चुड़ैल का साया- Horror Story Hindi
Chudail Horror Story Hindi
खदान की चुड़ैले
 
दोस्तों आज में आपको जो कहानी बताने जा रहा हूँ। यह एक सच्चा किस्सा है जो मेरे कस्बे मे हुआ था। दोस्तों यह कहानी मुझे मेरे पापा ने बताई थी।
 
हमारे कस्बे मे एक पुरानी खदान(mine) है जो बहुत समय पहले ही बंद हो गयी थी। समय के साथ साथ उसमे बारिश का पानी भरता गया और वो एक अच्छे खासे गहरे तालाब मे बदल गयी।
उस समय लोगो के घरों मे टॉयलेट नहीं होते थे तो लोग हल्के होने के लिए घर से बाहर जाते थे।
मेरे पापा के रिश्ते में एक चाचा थे जिनका नाम में आपको नहीं बता सकता। एक बार वो फ्रेश होने के लिए उस खदान की तरफ़ गए। फ्रेश होने के बाद जब वे वापिस घर लौट रहे थे, तो उन्होंने देखा कि उनसे थोड़ी दूरी पर सफेद कपड़े पहने हुए चार औरतें खड़ी थी। चाचा यह सब दूर से एक झाड़ी में छिप कर यह सब देख रहे थे। वह औरतe कभी इधर चल रही थी तो कभी उधर चल रही थी। वो सभी औरते एक सर्किल में खड़ी होकर कुछ काला जादू (ritual perform) कर रही थी। थोड़ी देर बाद वो सब औरते  रुकी और एक दम से मेरे चाचा जहाँ छुपे थे उस और देखने लगी।
अब मेरे चाचा  काफ़ी घबरा गये। 

थोड़ी देर बाद वो सभी औरते  एक तरफ़ देखने लगी। मेरे चाचा ने भी उस ओर देखा और जो उन्होने देखा उससे तो उनके होश ही उड़ गए। 
 
उन्होनें देखा कि सफ़ेद कपड़े पहने हुए एक औरत पानी पर चल रही है और उसी सर्किल  की और बढ़ रही है। धीरे धीरे करते वहां दस से भी ज्यादा औरते  आकर खड़ी हो गयी और मेरे चाचा की ओर ही बढ़ने लगी।
 
अब चाचा समझ गये थे कि पलायन करने में ही समझदारी है। वो उस जगह से भागने लगे, वो औरतें भी उनके पीछे पीछे तेजी से आने लगी। उनके कान में एक औरत ने उनका नाम लेके बोला कि पीछे तो देख। आवाज बस उनके कान के पास से ही आयी थी।
पर वह पीछे नहीं मुड़े, बस भागते ही रहे। 

घर आके उन्होनें यह बात सबको बताई और पूरे गाँव मे यह बात आग की तरह फ़ेल गयी।
लोग अब उधर जाने से भी डरने लगे थे। धीरे धीरे करके उस खदान की और जाना सबने बंद कर दिया।
अब उस तरफ कोई नहीं जाता, पर अभी भी कुछ लोगों ने उधर उन्हीं औरतो को देखने की बात बोली है।
Chudail Horror Story Hindi

चुड़ैल का साया

एक बार की बात है। जब मैं अपने गांव गया हुआ था। मेरा गांव ज्यादा बड़ा नहीं  है। मेरा गांव  लगभग 100  घर जितने एरिया में फैला हुआ था।  उस समय गांव में ज्यादा आधुनिक सुविधाएं नहीं होती थी और मेरे गांव में बिजली वगैरह भी नहीं थी।  दोस्तों यह कहानी आज से लगभग 20 से 25 साल पहले की है। हमारे गांव में लोग जल्दी उठ जाया करते थे और अपने खेतों की तरफ निकल जाते थे।
 
 मेरे घर से कुछ तीन घर छोड़कर एक घर था जिसमें मुंशी चाचा अपने परिवार के साथ रहते थे। मुंशी चाचा के बड़े लड़के जिसका नाम ईश्वर था। उसकी पत्नी ममता थोड़े दिनों से अजीब व्यवहार करने लगी थी वह कभी रोती तो कभी हंसती थी और कभी इतना गुस्सा हो जाती थी कि उसे शांत कर पाना बहुत मुश्किल होता था वह अपने परिवार वालों को बहुत गंदी गंदी गालियां देती थी और बोलती थी कि मैं इसे नहीं छोडूंगी मैं इसे नहीं छोडूंगी दोस्तों यह कहानी बहुत साल पहले की है उस  समय मेरे गांव में कोई डॉक्टर वगैरह नहीं थे तो ज्यादातर लोग नीम  हकीम के पास ही जाया करते थे पर उन लोगों के पास भी इसका कोई इलाज नहीं था। 
 
 दिन प्रतिदिन ममता के हालत बिगड़ती गई ममता के एक बेटी थी। लज्जो जो करीब 8 साल की थी।  ममता हमेशा कहा करती थी कि मैं इसे नहीं छोडूंगी मेरा मतलब ममता नहीं उस पर सवार कोई ताकत थी जो ऐसा  बोला करती थी अब गांव के सभी लोग समझ गए थे कि यह कोई बीमारी नहीं इसके ऊपर किसी का साया है और यह साया इसके साथ इसकी बेटी को भी ले जाएगा और ऐसा ही  हुआ एक दिन सुबह ममता जोर जोर से चिल्लाने लगी वह कह रही थी कि मुझे बचाओ मुझे बचाओ यह मुझे अपने साथ ले जाएगी मुझे नहीं मरना और थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई कोई नहीं समझ पाया कि क्या हुआ और कैसे हुआ पर सभी लोग यह सोच कर परेशान थे कि अब इसकी बेटी का क्या होगा कुछ दिनों बाद उसकी बेटी की भी तबीयत अचानक से खराब हो गई उसका शरीर बहुत गर्म हो गया और वह ऐसी हरकतें करने लगी जैसी ममता करती थी। 
 
 उस समय गाव मे एक बाबा आए हुए थे या यू कहे कि साक्षात भगवान् बाबा बनके आए लज्जो के लिए उस लड़की को बाबा के पास ले कर गये बाबा ने कुछ मंत्र बोले ओर एक रुद्राक्ष की माला उसके गले मे डाल दी ओर कहा इसे कल लेके आना घर पर जाते ही उसकी तबीयत मे सुधार आने लगा अब वह नार्मल होने लगी उसे अगले दिन फिर ले गए बाबा के पास। 
 
बाबा ने उस से पूछा कि तू कोन है इस बच्ची ने तेरा क्या बिगाड़ा है जो इसे अपने साथ ले जाएगी ओर इसकी माँ का क्या दोष था अब  लज्जो एक औरत की आवाज में बोलने लगी औरत नहीं ऐसी भयंकर आवाज तो एक चुड़ैल की ही हो सकती है मेरा नाम कुंडी है और मैं पास के जंगल में रहती हूं  पास के जंगल में एक बहुत बड़ा बरगद का पेड़ है जिस पर में रहती हूं इस लड़की की मां ने वहां पर पेशाब किया था और इस बात से मुझे बहुत गुस्सा आया और मैं इसकी मां पर चढ़ गई बाबा ने पूछा कि इसमें इस बच्ची का क्या दोष है। 
 
 तुने बदला लेना था इसकी मां से वह तूने ले लिया अब इस बच्ची को क्यों तुम अपने साथ  ले जाना चाहती हो उस चुड़ैल ने कहा मुझे यह बच्ची बहुत पसंद आ गई है और मैं इसे अपने साथ ले जाऊंगी चाहे तुम कुछ भी कर लो बाबा ने कहा इसे ले  जाके  तो देख बाबा ने कुछ मंत्र पढ़े और अपने झोली से एक किताब निकाल कर उसे पढ़ने लगे उस चुडेल ने कहा यह बंद करो इससे मुझे तकलीफ हो रही है और वह चुडेल उस लड़की को छोड़कर खेतों की तरफ से   गेहूं की फसल से होते हुए उस जंगल की तरफ भाग गई बाबा ने एक माला निकाली और उस लड़की को गले में पहनाते हुए उसके परिवार वालों से बोला कि इस माला को इसके गले में बांधे रहने देना। उसके बाद से लज्जो एकदम ठीक है।
जय श्री कृष्ण।

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