क्या वह मानव भेड़िया (Werewolf) था? Kya Vah Manav Bhediya Tha?

क्या वह मानव भेड़िया (Werewolf) था? Kya Vah Werewolf Tha?

यह कहानी एक ऐसे परिवार के बारे में है ,जो एक बार एक पिकनिक पर जाते है। पर उस जगह उनका सामना एक मानव-भेड़िये Werewolf से हो जाता है।

80 के दशक की शुरूआत थी।  हम चार लोगों ने मिलकर स्नेक रिवर के पास में पिकनिक मनाने की योजना बनाई। यह जगह हमारे टाउन से 5 मील की दूरी पर थी।  यह जगह ईस्टर्न ओरीगॉन में थी। पहाड़ियों से भरी हुई जगह।


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सर्दियों की शुरुआत होने के कारण कम मात्रा में बर्फ पड़ रही थी। उस रात को चांद पूरा निकलने वाला था और हम जानते थे कि इससे नदी का व्यू और भी सुंदर होगा। इस ट्रिप में, मैं ,मेरा पति और मेरी बहन और उसका बॉयफ्रेंड था। हम लोगों ने कुछ बीयर्स और कुछ नशे की चीजें अपने साथ में ली थी, ताकि हम पूरी रात एन्जॉय कर सकें। तकरीबन रात के 11:00 बज रहे थे, जब हम निकले। जिस जगह हम जा रहे थे। वह एक मनोरंजन की जगह थी, जहां पर लोग मजे कर सकते थे ,कैंप लगा सकते थे और वहां पर नाव चला सकते थे।

उस जगह जाने के लिए हमें मेन रोड को छोड़ना था। सब कुछ सही चल रहा था। चांद की रोशनी इतनी थी जिससे कि रोड और आसपास की चीजें साफ दिखाई दे रही थी। हमने एक जगह पर कार को पार किया। मेरे पति ने सिगरेट जलाई और मेरी ओर बढ़ा दी। हम दोनों आगे वाली सीट पर बैठे थे। मेरी बहन और उसका बॉयफ्रेंड पीछे वाली सीट पर बैठे हुए थे ,जैसे ही मैं सिगरेट पीने वाली थी कि तभी मैंने अपनी कार के सामने लगभग 20 मीटर की दूरी पर किसी चीज को हिलते हुए देखा। पहली बार देखने पर तो वो मुझे एक हिरण के जैसा लगा। मैं सीट में आराम से पसरकर बैठ गई पर  तभी मैंने उस चीज को अपनी कार के दाएं और आते हुए देखा। मेरी बहन भी यह जान चुकी थी कि कार के दाएं और कोई चीज तो है।  वह बस पुसचने ही वाली थी कि क्या हो रहा है? तभी उसने ,उस चीज को गाड़ी के पीछे की ओर जाते हुए देखा।

मुझे याद है कि मैंने मुश्किल से ही एक बार सिगरेट पी थी। मेरी बहन जो सिर्फ तेरह साल की है , वो ना तो स्मोक करती है और ना ही कोई ड्रिंक करती है और  हमें इतना समय भी नहीं हुआ था कि हम यह काम कर सकते थे।  हम सब चुपचाप बैठे हुए थे। 

हम दोनों ने कहा – क्या है वो ?
 
उन लोगों ने कहा – क्या?
 
हम लोगों ने कहा कि – बाहर कोई तो है?

वो दोनों हंसने लगे, पर इसके बाद उन्होंने भी उस चीज को कार के बाएं और हिलते हुए देखा। उस समय मेरे रोंगटे खड़े हो गए और मुझे किसी अनहोनी के होने की आशंका हुई। वह फिर से हमारी कार के पास से गुजरा पर पहले से काफी ज्यादा पास से।  इस समय तक मैं चाहती थी कि हम वहां से जल्द से जल्द निकल चलें। हम सब पूरी तरह से डर चुके थे और हम जानना चाहते थे कि वह चीज क्या है?

यह जो भी था एक बार फिर से हमारी कार के चक्कर लगाने लगा, जैसे ही यह हमारे कार के सामने आया। मेरे पति ने कार की हेडलाइट ऑन कर दी ,पर जैसे ही लाइट उस जगह पर पड़ी ,वहां पर कोई नहीं था।  कुछ सेकंड पहले तक वह वहीं पर था। जब मेरे पति ने एक बार फिर से कार के हेडलाइट ऑन की ,तो वह फिर से कार के दाएं और आ गया। पहले से भी बहुत ज्यादा पास में।

हम नहीं जानते थे कि वह क्या था? इस समय तक मेरी बहन काफी डर चुकी थी और साथ में ,मैं भी। हम सभी मेरे पति पर चिल्लाये कि हम सबको यहां से निकालो। वह भी हमारी ही तरह डरा हुआ था। 

 उसने गाड़ी को स्टार्ट किया और आगे जाने की बजाय वह गाड़ी को रिवर्स में ले गया ताकि हम पीछे होते हुए उस जगह से मेन रोड पर पहुंच सकें। हम किसी तरह से चलते-फिसलते हुए ऊपर चढ़ते हुए मेन रोड पर आ पहुंचे। हमने सोचा कि अब सब कुछ ठीक है पर तभी मैंने अपनी जिंदगी की सबसे डरावनी चीज का अनुभव किया, जिसे शायद ही मैंने पहले कभी महसूस किया हो।

जैसे ही हम ऊपर चढ़े हमने देखा कि कार की हेडलाइट की रोशनी जहां पर जाकर खत्म हो रही थी उस जगह पर एक जानवर खड़ा था। 
 
वह उस जगह पर एक ऐसे आदमी की तरह खड़ा था ,जो पूरी तरह से बड़े-बड़े बालों से ढका हुआ हो। तथा बहुत ही पतला हो। जब उस पर लाइट पड़ी तो वह मुड़ा। अब हम उसको पूरी तरह से देख पा रहे थे ,वह मेरी ही आंखों में देख रहा था और कसम से उस समय मेरी दिल की धड़कन बस रुकने ही वाली थी। 

उसकी आंखों की जगह गहरे काले गड्ढे थे और उसकी आंखों में दहशत और पागलपन के सिवा और कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसा बस कुछ सेकंड के लिए ही हुआ था ,कि तभी मेरे पति ने कार की स्पीड बढ़ायी। वह उसको कार से टक्कर मारना चाहता था। पर वो जानवर वहां से बड़ी ही तेजी से गायब हो गया,मानो जैसे वह पहले कभी वहां था ही नहीं। 

वो हेडलाइट की रौशनी से क्यूँ डरता था। यह तो मैं नहीं जानती। पर जितनी तेजी से हो सके हम उतनी तेजी से उस जगह से निकल गए।

बाहर बहुत ठंड थी और ठंड के इस समय में बाहर न तो कोई आदमी होता है और ना ही कोई दुकान खुली होती है और दूसरी बात वह इलाका बिल्कुल सुनसान था। और रात के इस समय में वहाँ
मुश्किल से ही कोई गाड़ी दिखाई देती थी। 

हम नहीं जानते कि वो क्या था और वह कहाँ से आया था ?

पर मेरे दिमाग में केवल एक ही शब्द याद आता है, मानव भेड़िया (Werewolf )।
उस जगह पर बहुत सी ऐसी ही मानव-भेड़िये को देखे जाने वाली घटनाये हुई है और सच बताऊ तो अब मैं उस जगह पर कभी नहीं जाना चाहती हूँ।

पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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