बाजरे के खेत का शैतान Bajre Ke Khet Ka Shaitan Horror Story

बाजरे के खेत का शैतान Bajre Ke Khet Ka Shaitan Horror Story

यह कहानी एक ऐसे लड़के की है,जो रात में अपने खेत की रखवाली कर रहा होता है। जहाँ उसका  सामना एक शैतान Demon से हो जाता है। पर वो शैतान Demon उसे कुछ नहीं करता है और उसे छोड़कर चला जाता है।


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मेरा नाम हैरी है। मैं अमेरिका के कलिफोर्निआ के एक छोटे से गावं सेंट्रल ए. ल. फार्मलैंड (काल्पनिक) में रहता था | यह कहानी तब कि है जब हमारे खेत में बाजरे क फसल उगी थी | बाजरे की फसल के समय हमेशा किसान लोग खेतो में ही रहा करते थे, क्यूंकि खेतो में बाजरे के अलावा सोयाबीन, मक्का और मूंगफली की फसल भी होती थी और गावं के खेतो में जंगली सुअरो और  जंगली  हिरणो का बड़ा आतंक था। ये जंगली जानवर फसलों को अक्सर बर्बाद कर दिया करते थे |

खेत की रखवाली के लिए अक्सर मेरे फादर ही जाया करते थे | एक बार उन्हें गावं क बहार दूसरे गांव जाना था और उस गावं से व् केवल अगले दिन ही वापस आ सकते थे | क्यूंकि वो गावं हमारे गावं से काफी दूर था तो उन्होंने मुझसे कहा कि आज तुम्हे खेत पर रुकना है और खेत की रखवाली करनी है।

मुझे इस चीज़ से काफी नफरत थी, रात को खेत में रखवाली करना |ऐसा भी नहीं था कि मैं कभी खेत पर नहीं रहता था | मैं खेत में केवल दिन के समय ही जाता था।

मुझे रात में थोड़ा डर भी लगता था। खैर मुझे जाना तो था ही।

मैं शाम को ही खेत में चला गया और शायद जो लोग गांव में रहे हो उनको पता हो कि गांव में अक्सर खेतों के बीच में चार डंडे गाड़ कर, उन चार डंडे पर एक छत का निर्माण कर दिया जाता है। हमारे यहाँ इसे डोम कहते हैं। जिन पर से आप पूरे खेत पर नजर रख सकते हैं तथा उस पर आराम कर सकते हैं। वैसे तो गांव के और लोग भी खेतों में रात में रखवाली का काम करते हैं, पर हमारा खेत गांव से थोड़ा दूर था।

हमारा खेत काफी बड़ा भी था। जिस कारण से खेतों के बीच में होने पर भी खेत से बाहर निकलने में ही दस मिनट लग जाते थे। मेरे खेत के आस पास बहुत सारे बड़े-बड़े पेड़ लगे थे। रात के समय जब तेज हवा चलती और चांद की रोशनी होने पर वह पेड़ मानो ऐसे लगते जैसे कि कोई बड़ा सा राक्षस नींद से उठ खड़ा हुआ हो। मेरे खेत का कुआं उन्हीं पेड़ों के पास में था। जिस कारण से मुझे और अधिक डर लग रहा था।

इस कारण मैंने रात होने से पहले ही अपने पीने का पानी भर लिया। मैंने अपने पास एक बड़ा सा लकड़ी का डंडा रख लिया था। ताकि अपनी अपनी सुरक्षा की जा सके। रात का समय हो गया था। उस दिन आसमान साफ था, चांद की रोशनी भी थी। जिससे आसपास ठीक-ठीक देखा जा सकता था। मैंने अपने ऊपर एक चद्दर ओढ़ रखा था। मौसम ठंडा था और मुझे थोड़ी ठंड भी लग रही थी। पर मैं सोया नहीं था।

मैं जाग रहा था और मैं आसमान को देख रहा था। थोड़ी देर बाद तेज हवाएं चलने लगी। आसपास के पेड़ साय.. साय… की आवाज करते हुए हिल रहे थे। चांद की रोशनी में ऐसे प्रतीत हो रहे थे जैसे कि कोई बड़ा सा राक्षस जिसकी तोंद बाहर निकली हुई हो। और जिसके हाथ में एक बड़ा सा कांटेदार भाला हो और वह अनंत प्रयास करने के बावजूद भी मेरी और ना बढ़ पा रहा हो।

मैं बस यही सब सोच कर अपना समय गुजार रहा था।मुझे हल्का हल्का डर भी लग रहा था। पर इतना भी नहीं कि मैं डर के अपने घर ही भाग जाऊं। बाजरे की फसल बड़ी हो चुकी थी। बाजरे की फसल इतनी बड़ी थी कि खेत के अंदर होने पर बाहर का देख पाना संभव ही नहीं था। मैं खड़ा हुआ और खेत के बीचो-बीच बने अपने डोम से पूरे खेत को देखने लगा। सब तरफ़ शांति थी। आस पास कोई नहीं था सिवाय कुछ झींगुरो तथा चूहों के। झींगुरो की आवाज से में थोड़ा डर रहा था। वैसे तो मैंने कभी भी झींगुरो पर इतना गौर नहीं किया। पर आज पता नहीं क्यों? मैं रह रह कर उनकी आवाजें सुन रहा था। एक अजीब सा डर था उन आवाजों में।

आप देख रहे है बाजरे के खेत का शैतान Bajre Ke Khet Ka Shaitan Horror Story

थोड़ी देर बाद, में सोने जा रहा था। पर जैसे ही मैं सोने गया। मुझे थोड़ी दूर बाजरे के खेतों में से के हिलने की आवाज आने लगी। मैंने अपना डंडा उठाया और डोम से नीचे उतर के उस ओर जाने लगा। मुझे पता था कि यह जरूर जंगली सूअर या फिर जंगली हिरण होगा जो पास ही के जंगल में से यहां आया है।

हमारा खेत जंगल के बिल्कुल बगल में था। मैं धीरे-धीरे उस तरफ बढ़ने लगा। जहां पर वह जानवर था। अब मैं उस जगह पर था जहां पर से बाजरो के हिलने की आवाज आ रही थी। वहां पर कोई जानवर नहीं था। वहां पर मैंने देखा कि कई सारे बाजरे के पेड़ों को रौंदा गया था। और वह रोंधने के निशान खेतों से बाहर की ओर जा रहे थे। मैं धीरे-धीरे उस ओर बढ़ता रहा जिस और वह रोंधने के निशान जा रहे थे।

धीरे-धीरे में जंगल की ओर बढ़ रहा था पर मुझे डर नहीं लग रहा था बल्कि बहुत गुस्सा आ रहा था। क्योंकि उस जानवर की वजह से हमारे खेत का काफी नुकसान हो चुका था। मैं अपने खेत से बाहर निकल चुका था। अब मैं जंगल की सीमा पर था। मैं जंगल की सीमा पर खड़ा था जहां से आगे काफी बड़ा और घना जंगल था और मेरे पीछे मेरा खेत और मेरा गाँव था।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्यों मैं यहां खड़ा हूं? मुझे वापस अपने खेत में लौट जाना चाहिए। पर एक अजीब सी शक्ति मुझे उस जंगल की ओर बुला रही थी। मैं धीरे धीरे उस जंगल की ओर बढ़ता चला गया। मेरे पैर अपने आप चल रहे थे। मेरा खुद पर कोई नियंत्रण नहीं था। पर धीरे-धीरे मैंने अपने आप पर काबू पाया। मैंने उन निशानों का पीछा किया और एकदम से मेरी सांस थम गई। मैंने देखा कि सामने मुझसे थोड़ी दूरी पर एक मरा हुआ हिरण पड़ा था। जिसके पास में एक लंबा और पतला सा “कोई” बैठा था। जो उस हिरण को पकड़े था। वह “कोई”उस हिरण को फाड़ रहा था, अपने नाखूनों से।

उसने अब उस हिरण को खाना शुरू कर दिया था। दो-तीन सेकंड तक तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि क्या हो रहा है? कही मैं कोई सपना तो नहीं देख रहा हूं? पर यह कोई सपना नहीं था। हकीकत मेरे सामने थी। मैं अब अपने कदम पीछे बढ़ाने लगा। मैं हर कदम फूंक-फूंक कर चल रहा था।

मैं उसे पता नहीं लगने देना चाहता था कि मैं यहां हूं। वह अभी भी उस हिरण को खाने में व्यस्त था। पीछे बढ़ते हुए अचानक से मेरा डंडा नीचे गिर गया और एक आवाज हुई जिसे सुनकर वह “कोई” उठ खड़ा हुआ उसके हाथ में हिरण का सिर था। जिसे उसने दूर फेंक दिया था और इधर उधर देखने लगा। तब तक मैं भी एक पेड़ के पीछे छुप गया।

मेरी साँस फूल रही थी,पर मैंने अपने मुँह पर अपना हाथ रख रखा था।

मैं धीरे-धीरे वहां से जाने लगा, पर वह मुझे देख चुका था। मैंने भी अब उसे देखा। वह मुझसे बहुत ज्यादा लंबा था और उसकी आंखें लाल थी। जिनमें देखते हुए, मैं उसके वशीभूत होने लगा। पर मैंने खुद पर काबू पाया। वह एक लंबा दो बड़े बड़े सिंग वाला शैतान Demon था।

वह मेरी ओर आने लगा। मैं भी अब अपनी पूरी रफ्तार से वहां से भागा। पर मैं जंगल के कई अंदर था। पर उस समय चांद की रोशनी में मुझे थोड़ा रास्ता दिख रहा था। वह शैतान Demon घुर्राया, उसकी गुर्राहट ने पूरे जंगल को हिला कर रख दिया। वह भी मेरी तरफ तेजी से बढ़ रहा था। पर मेरी किस्मत अच्छी थी।

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मैं जंगल से बाहर आ गया था। पर वह अभी भी मेरे पीछे ही था। मैं बहुत तेजी से भागा और भागते हुए दो लोगों से टकरा गया। वो मेरे अंकल ब्रायन और निकोलस थे। वह मेरे फ़ादर के काफ़ी अच्छे दोस्त थे और उनका खेत हमारे खेत के पास में ही था। उन्होंने कहा कि तेरे पापा ने हमसे कहा था कि रात में तुझे और खेत को देख आए।

पर तू इतना हाँफ क्यों रहा है? और तू कहाँ से भाग कर आ रहा है?

मैंने पीछे मुड़ कर देखा, वहाँ कोई नहीं था। वह कहीं गायब हो गया था।

मैंने उन्हें सारी बात बताई। मैंने उन्हें वह जगह भी बताई, जहाँ बाजरों के रोंदे जाने के निशान थे।

सुबह होने पर, मैं उन्हें उस जगह ले गया। जहाँ पिछली रात मैंने उसे शैतान Demon को देखा था। वहाँ पर हिरण का मृत शरीर पड़ा था।

गाँव वालों ने मुझसे कहा कि देखो शायद वह कोई जांगली जानवर था। भेड़िया होगा। जिसने इस हिरण को मारा है। तुमने रात में उस जानवर को देखा होगा।

मैं जानता था कि वह लोग मेरी बातों पर विश्वास नहीं करेंगे। पर जो मैंने देखा था, वह एकदम सही था

सभी गांव वाले वहां से जाने लगे। मैं भी उनके पीछे गांव वापस जा रहा था। वह लोग मुझसे थोड़ा आगे निकल गए थे। मुझे तभी एक हल्का सा हवा का झोंका छूकर निकल गया। उस झोंके में, मैंने उसी रात वाले डर का अनुभव किया।

मैं तेजी से भाग कर गांव वालों के साथ शामिल हो गया।

मुझे नहीं पता वो कौन था? और वो कहाँ चला गया?

पर वो चाहता तो मुझे बड़ी आसानी से मार या नुकसान पहुँचा सकता था। पर उसने ऐसा नहीं किया,

शायद वो बस मुझे डरा के उस जंगल से दूर रखना चाहता था। शायद उसे जंगल में लोगों का दखल देना पसंद नहीं था।

So I hope Guys आपको यह Horror Story अच्छी लगी होगी।

पढ़ने के लिए धन्यवाद।

दोस्तों, मैं आशा करता हूँ कि आपको “बाजरे के खेत का शैतान Bajre Ke Khet Ka Shaitan Horror Story” शीर्षक वाली यह Real Horror Story पसंद आई होगी। ऐसी और भी Real Ghost Stories In Hindi में सुनने के लिये, हमारे ब्लॉग Horrorstoryhindi.com पर बने रहे। यदि आप YouTube पर Ghost Stories सुनना पसंद करते है तो मेरे YouTube ChannelCreepy Content” को सब्सक्राइब कर ले।

धन्यवाद!

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